Sunday, 1 January 2012

२०१२ भारत




हर कोई जुट गया है २०१२ को मानाने मे !

अपने नए पुराने पाप पुण्य को भुलाने मे !!



हमने भी २०१२ मना लिया !

नहीं लिखेंगे कविता ये भुला दिया !!



नया वर्ष भारत को आगे बढ़ाएगा !

भारत वाशियों ने चाहा तो फिर सोने को चिड़िया कहलायेगा !!



नेता हो या अभिनेता हर कोई नया प्रण उठाएगा !

जो सत्य कर्म करेगा वो सजग प्रहरी कहलायेगा !!



हर कोई जुट गया है २०१२ को मानाने मे !

आपने नए पुराने पाप पुण्य को भुलाने मे !!



करे कमाल,

कमल उपाध्याय

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